भूगोल क्विज

भूगोल (भू+गोल) पृथ्वी पर विभिन्न स्थलों की जानकारी देता है। भूगोल वह शास्त्र है जिसके द्बारा पृथ्वी के ऊपरी स्वरुप और उसके प्राकृतिक विभागों (जैसे, पहाड़, महादेश, देश, नगर, नदी, समुद्र, झील, ड़मरुमध्य, उपत्यका, अधित्यका, वन आदि) का ज्ञान होता है। पृथ्वी की सतह पर जो स्थान विशेष हैं उनकी समताओं तथा विषमताओं का कारण और उनका स्पष्टीकरण भूगोल का निजी क्षेत्र है। भूगोल शब्द दो शब्दों भू यानि पृथ्वी और गोल से मिलकर बना है।

भूगोल का अर्थ

भूगोल Geography शब्द का नाम एवं उसकी प्राथमिक स्तर पर व्याख्या करने का श्रेय यूनान वासियों को है। आरंभ में भूगोल सामाजिक शास्त्रों (Social- Sciences) का ही एक भाग था। धीरे धीरे इस विषय को विकसित करने मेँ अनेक यूनानी एवं रोमन कालीन विद्वानोँ ने योगदान दिया। अरब भूगोलवेत्ता ने भी पूर्व मध्यकाल मेँ भूगोल की कुछ शाखाओं का विकास किया।

भूगोल या Geography दो यूनानी शब्दों से मिलकर बना है Geo जिसका अर्थ होता है पृथ्वी और Graphaia का अर्थ लिखना या वर्णन करना होता है। अतः सामान्य भाषा मेँ भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी के धरातल का वर्णन करता है। आरंभ मेँ भूगोल विषय के अंतर्गत पृथ्वी के धरातल, स्थानोँ एवं क्षेत्रों की स्थिति तथा प्रधान भौतिक एवं सांस्कृतिक तत्वों का अध्ययन मात्र किया जाता था। परंतु धीरे धीरे भूगोल विषय से संबंधित अनेक पक्षों का विकास किया गया। प्रमुख भूगोलवेत्ताओं के अनुसार पृथ्वी का अर्थ केवल उसके धरातल तक ही सीमित नहीँ है, अपितु इसके अंतर्गत पृथ्वी के ऊपर की एक पतली वायुपेटी तथा पृथ्वी का भीतरी भाग भी सम्मिलित है।

भूगोल की परिभाषाएं (Definitions Of Geography)

भूगोल को समय समय पर विद्वानोँ ने अनेक प्रकार से परिभाषित किया है। प्रसिद्ध रोमन विद्वान स्ट्रेबो ने भूगोल की परिभाषा इन शब्दोँ मेँ दी है भूगोल हमको स्थल एवं महासागरोँ मेँ बसने वाले जीवों के बारे मेँ ज्ञान कराने के साथ साथ विभिन्न लक्षणों वाली पृथ्वी की विशाताओं को समझाता है।

इसी काल के प्रसिद्ध ग्रीक विद्वान टालमी ने भूगोल की परिभाषा देते हुए लिखा भूगोल वह आभामय विज्ञान है जो पृथ्वी की झलक स्वर्ग मेँ देखता है (Geography is the sublime science that sees the reflection of the earth in the heavens.”—Ptolemy)। अतः टॉलमी के अनुसार भूगोल मेँ बसे हुए भागोँ के अध्ययन के साथ साथ पृथ्वी एवं ब्रह्माण्ड के आपसी संबंधो का भी अध्ययन किया जाता है। प्राचीन चिर सम्मत काल मेँ भूगोल के अध्ययन के अंतर्गत पृथ्वी के विभिन्न जल व स्थलखंडों, जल स्थल सीमा क्षेत्रों, प्राकृतिक भूदृश्यावली, मानवीय बसाव, सभी प्रकार के मार्गों, व्यवसाय, बसी हुई पृथ्वी का विस्तार, उसके लक्षण आदि का अध्ययन किया जाता था।

भूगोल विषय का वास्तविक विकास 16वीँ शताब्दी मेँ हुआ, इस समय तक संसार के विभिन्न देशों, भू-भागों और सुदूर प्रदेशो की खोज चुकी थी।

17वीँ शताब्दी मेँ वारेनियस (1622-1650) ने भूगोल की परिभाषा इस प्रकार प्रस्तुत की गई- भूगोल पृथ्वी की सतह को अध्ययन का केंद्र मानकर उसे समझाने वाली विद्या है। इसके अंतर्गत जलवायु, धरातलीय लक्षण, जल एवं मरूभूमि, खनिज एवं पशु व भूतल पर बसे मानव जेसे तत्वो का निरिक्षण एवं वर्णन होता है। वारेनियस ने सर्वप्रथम पृथ्वी के मानवीय पक्षों को भूगोल के अंतर्गत सम्मिलित किया।

अगली दो शताब्दी भूगोल के विकास के लिए अधिक महत्वपूर्ण रही। 18 वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध मेँ भूगोल विषय के संबंध मेँ कांट, और रिटर के योगदान से इस विषय का नवीन स्तर पर क्रमबद्ध एवं तथ्यात्मक विकास हुआ।

प्रसिद्ध विद्वान और दर्शन शास्त्र के जनक इमैनुअल कांट ने भूगोल की परिभाषा इस प्रकार दी है।

भूगोल भूतल का अध्ययन है, यह भूतल के भिन्न भिन्न भागोँ मेँ पायी जाने वाली विभिन्नताओं की पृष्ठभूमि मेँ की गई व्याख्या है। इसमेँ सभी घटनाओं के मध्य जटिल एवं क्रियाशील संबंध अथवा अंतर्समन्बंध की ओर विशेष रुप से ध्यान दिया जाता है, क्योंकि क्रियाशील संबंध ही महान एकता या पार्थिव एकता का ही अंग है।

कांट की परिभाषा मेँ भूगोल विषय के अध्ययन का आधार भूमंडल है जो एक संपूर्ण इकाई है तथा उस पर पाई जाने वाली विभिन्नताओं से अंतर संबंध स्थापित है। कांट ने भूगोल को कई शाखाओं उपविभाजित किया।

हम्बोल्ट (1759-1859) ने भूगोल की परिभाषा देते हुए लिखा है, भूगोल अध्ययन से संबंधित विद्या है। अन्य सभी वास्तविक विज्ञान चाहे वह प्राकृतिक हों अथवा जैविक, पृथ्वी की घटनाओं से संबंधित होते हैं। ऐसे विज्ञान व्यक्तिगत रूप मेँ पशु, वनस्पति, अन्य ठोस पदार्थ या जीवाशेष की बनावट एवं प्रक्रिया का ही अध्यन है जबकि भूगोल का संबंध मेँ उपर्युक्त सभी वस्तुओं से एक साथ सहसंबंधित रुप मेँ जैसी कि वह किसी क्षेत्र मेँ सामान्यतः पायी जाती है, के वर्णन एवं अध्यन से है।

हम्बोल्ट के समकालीन कार्ल रिटर (1779-1859) ने भूगोल विषय मानव की भूमिका को विशेष महत्व दिया और भूगोल की परिभाषा देते हुए लिखा है, भूगोल वह विभाग है, जिसमे भूमंडल के सभी लक्षणों घटनाओं और उनके संबंधोँ का पृथ्वी को स्वतंत्र रुप मेँ मनाते हुए वर्णन किया जाता है। इसकी समग्र एकता मानव एवं मानव जगत से संबंधित दिखाई देती है।

प्रसिद्ध फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता विडाल डी-ला ब्लाश ने भूगोल की परिभाषा निम्न प्रकार से दी है – भूगोल स्थानों का विज्ञान है न कि मानव का। ऐतिहासिक घटना के प्रति इस विज्ञान की रूचि वहीं तक है, जहाँ तक कि इसका संबंध किसी देश में घटित घटनाओं से होता है। इसके अभाव मेँ देशों के गुण एवं संभावनाएं सुषुप्त अथवा अपूर्ण रहती हैं।

इस प्रकार 20 वी शताब्दी तक भूगोल के अध्ययन मेँ प्रदेश, क्षेत्र तथा उनकी व्याख्या महत्वपूर्ण भाग बन गए थे। मानव, स्थान और स्थानिक अध्ययन की महत्ता को भी स्वीकार किया गया। 20वीं शताब्दी मेँ प्रसिद्ध जर्मन विद्वान हैटनर भूगोल को एक क्षेत्र का विवरण विज्ञान माना और भूगोल की परिभाषा देते हुए लिखा है- भूगोल एक क्षेत्र विवरण विज्ञान है।

अमेरिकन भूगोलवेत्ता हार्टशोर्न ने सर्वप्रथम 1939 मेँ नेचर इन जियोग्राफी नामक अपनी पुस्तक और उसके पास 1959 में पर्सपेक्टिव्स ऑन नेचर ऑफ जियोग्राफी में भूगोल कि इस प्रकार परिभाषित किया – भूतल के विविधता रूपी लक्षणों का शुद्ध, व्यवस्थित एवं तर्कपूर्ण विवरण एवं व्याख्या करना ही भूगोल का लक्ष्य है।

हार्टशोर्न ने स्पष्ट किया कि भूगोल एक अंतर संबंधित विज्ञान है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण और मानव के बीच अंतरसंबंध का अध्ययन करना है। यह विज्ञान पृथ्वी का मानव के निवास के रुप मेँ वैज्ञानिक वर्णन करता है।

ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं की समिति ने भूगोल की परिभाषा इन शब्दोँ मेँ दी है- भूगोल पृथ्वी के धरातल का अर्थ है जिसमेँ विभिन्न क्षेत्रोँ के अंतर और उनके संबंधो का अध्ययन किया जाता है। अमेरिकन कॉलेज शिक्षा शब्दकोष के अनुसार भूगोल की परिभाषा निम्न प्रकार से दी गई- भूगोल भूतल की क्षेत्रीय विभिन्नताओं का अध्ययन है, यहाँ पर क्षेत्रोँ की भूतल व्यवस्था के अंतर संबंधों मेँ ऐसी विभिन्नताएं दिखाई देती हैं। धरातल पर पाए जाने वाले प्रमुख तत्व जैसे जलवायु, वनस्पति, जनसंख्या भूमि का उपयोग आदि का इअमें वर्णन किया जाता है। इसमें उपर्युक्त तत्वों से बननेवाली जटिलताओं से निर्मित इकाई व क्षेत्रोंत्रोँ का विस्तार से अध्ययन किया जाता है।

इस प्रकार भूगोल एक क्रमबद्ध विज्ञान है जिसमेँ मानव तथा उसके वातावरण का विभिन्न परिस्थितियों मेँ अध्ययन किया जाता है। इसके द्वारा हम मानव के जीविकोपार्जन के विभिन्न साधन, आवागमन के साधन, नगर, धर्म, शासन व्यवस्था आदि का अध्ययन करते हैं।

फिंच एवं ट्रिवार्था के अनुसार यह पृथ्वी के धरातल का विज्ञान है। इसके अंतर्गत धरातल पर पाए जाने वाले विन्यास स्वरुपों और वस्तुओं के प्रादेशिक संबंधोँ का विभिन्न व्यवस्थित रुप से वर्णन किया जाता है।

भूगोल की प्रकृति एवं उद्देश्य

भूगोल की प्रकृति

भूगोल पृथ्वी के धरातल, इसके स्वरुप, भौतिक लक्षण, राजनीतिक विभाजन, जलवायु, उत्पादन, जनसंख्या, पर्यावरण औरर उसकी समस्याओं आदि के अध्ययन का विज्ञान है। धरातल पर निरंतर परिवर्तन होता रहता है, धरातल पर पाए जाने वाले विभिन्न लक्षणोँ मेँ गतिशील एवं अनेक प्रकार के जटिल संबंध पाए जाते हैं। पृथ्वी का धरातल विकासमान, अस्थिर तथा गतिशील है, इसी कारण भूगोल की प्रकृति, उसकी परिभाषा, उद्देश्य व पाठ्य सामग्री आरंभ से लेकर आज तक परिवर्तन शील रही है। कभी इस विज्ञान को स्थानों का अध्यन माना गया तो कभी प्रदेशों अथवा राजनीतिक इकाइयों का वर्णन करने वाला माना गया। भूगोल को वैज्ञानिक मान्यता प्राप्त है वैज्ञानिकों ने भूगोल को विज्ञान की श्रेणी में रखा है। यूरोप में जर्मनी के और अमेरिका के अनेक विश्वविद्यालयों 19वीँ शताब्दी मेँ अजैव पृथ्वी के स्वरुपों एवं तथ्यों के ज्ञान को ही भूगोल का विषय क्षेत्र माना गया। परन्तु शीघ्र ही जर्मनी और फ्रांस मेँ इस अजैव पृथ्वी के अध्ययन के साथ ही साथ मानव भूगोल मानवीय तथ्योँ को भी भूगोल के अंतर्गत माना जाने लगा। इसमेँ प्रादेशिक भूगोल का भी नए आधार पर अध्ययन किया जाने लगा। रिटर, हम्बोल्ट बोल्ट और रैटजेल का अनुसरण करते हुए 20 वी शताब्दी मेँ बोल के विभाजन को स्वीकार कर उसकी अनेक शाखाओं का विकास किया गया।

सन 1950 के पश्चात भूगोल के बहुआयामी एवं विविधता रुप विकास ने इसकी प्रकृति को प्रभावित किया। इसमेँ अब प्रदेशों एवं स्थानों की समालोचनात्मक व्याख्या, सांख्यिकी, एवं स्थूल आरेख, वायु फोटोग्राफी, दूर संवेदन (remote sensing), आचरण भूगोल, तंत्र संकल्पना, व्यावहारिक भूगोल का सभी क्षेत्रोँ मेँ उपयोग आदि भी सम्मिलित किए जाते हैं। वर्तमान मेँ भू-उपग्रह के माध्यम से पृथ्वी के विभिन्न संसाधनो, दिशाओं व मौसम का अध्ययन भी किया जाने लगा है। इस प्रकार भूगोल के क्षेत्रत्र निरंतर विकास होता जा रहा है।

भूगोल का उद्देश्य

भूगोल विषय के अध्ययन का उद्देश्य जटिल रचना वाले भूतल संबंधी ज्ञान मेँ वृद्धि करना है। पृथ्वी के धरातल का अध्यन मानव के निवास के रुप प्रदेशो का अध्ययन उनके संसाधनो का मानव विकास के लिए अधिकतम उपयोग करना है इसका मुख्य उद्देश्य है।

भूगोल का उद्देश्य भूगोल की संपूर्णता की भावना से संबंधित है। यद्यपि एक भूगोलवेत्ता किसी एक विशेष अंग की रुचि रखते हुए भी वह पुर्णतः विज्ञान की ओर भी नहीँ झुक सकता। उसे अपनी रुचि की भूगोल की विशेष शाखा के विकास के साथ साथ संपूर्ण भूगोल से उसे सहसंबंधित मानने का व्यापक चिंतन ही हमेशा मस्तिष्क मेँ बनाए रखना पड़ेगा। अभिनव भूगोल मेँ भूगोल की संपूर्णता को मानव कल्याण से संबंधित मानते हुए ही उसे पूर्णता की संज्ञा दी जाने लगी है।


●क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में कौनसा स्थान है— सातवाँ
● जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व मेंकौन-सा स्थान है— दूसरा
● भारत के उत्तर में कौनकौनसे देश हैं— चीन, नेपाल, भूटान
● भारत के पूर्व में कौनसा देश है— बांग्लादेश
● भारत के पश्चिम में कौनसा देश है— पाकिस्तान
● भारत के दक्षिण पश्चिम में कौनसा सागर है— अरब सागर
● भारत के दक्षिणपूर्व में कौन-सी खाड़ी है— बंगाल की खाड़ी

●भारत के दक्षिण में कौन-सा महासागर है— हिन्द महासागर
पूर्वांचल की पहाड़ियाँ भारत को किस देश से अलग करती हैं— म्यांमार से
मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य भारत को किस देश से अलग करते हैं— श्रीलंका से
● संपूर्ण भारत की अंक्षाशीय विस्तार कितना है— 8° 4’ से 37°6’ उत्तरी अक्षांश
 भारत के मध्य से कौनसी रेखा गुजरती है— कर्क रेखा
● भारत के उत्तर से दक्षिण तक विस्तार कितना है— 3214 किमी
 भारत का पूर्व से पश्चिम तक विस्तार कितना है— 2933 किमी
● अंडमाननिकोबार द्वीप समूह कहाँ स्थित है— बंगाल की खाड़ी में
● लक्षद्वीप कहाँ स्थित है— अरब सागर में
 भारत का दक्षिणी छोर क्या कहलाता है— इंदिरा प्वाइंट
● इंदिरा प्वांइट को किस दूसरे नाम से भी जाना जाता है— पिगमिलियन प्वाइंट
● भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का कितना है— 2. 42%
● विश्व की कुल जनसंख्या का कितने % भारत में निवास करता है— 17%
● भारत का कुल क्षेत्रफल कितना है— 32,87,263 वर्ग किसमी
भारत की स्थल सीमा से कौन-से देश लगे हैं— बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान, नेपाल, वर्मा, भूटान
 भारत की जल सीमा किन देशों से मिलती है— मालदीव, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार व पाकिस्तान
● कर्क रेखा किन राज्यों से होकर गुजरती है— राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिमी बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम
● भारत की मुख्य भूमि की दक्षिणी सीमा कितने अक्षांश है— 8°4’
● भारत का मानक समय कहाँ से लिया गया है— इलाहाबाद के निकट नैनी नामक स्थान से

●भारत के मानक समय और ग्रीनविच समय में कितना अन्तर है— 5 1/2
● भूमध्य रेखा से भारत के दक्षिण छोर की दूरी कितनी है— 876 किमी
● भारत की स्थल सीमा की लंबाई कितनी है— 15200 किमी
● भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा की लंबाई कितनी है— 6100 किमी
● भारत की कुल तटरेखा की लंबाई (द्वीप समूहों सहितद्ध कितनी है— 7516 किमी
● संपूर्ण भारत के कितने % भाग पर पर्वत व पहाड़ियों का विस्तार है— 28.8%
● संपूर्ण भारत के कितने क्षेत्रफल पर मैदानी विस्तार है— 44%
● भारत में समुद्र तटरेखा वाले राज्यों की संख्या कितनी है— 9
● किस राज्य की समुद्र तटरेखा सबसे लंबी है— गुजरात
● कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों से होकर जाती है— 8
● भूमध्य रेखा के निकट कौन-सा स्थान है— इंदिरा प्वाइंट
● इंदिरा प्वाइंट कहाँ स्थित है— अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में
● किस राज्य की समुद्र तटरेखा सबसे छोटी है— गोवा
● भारत की स्थल सीमा किस देश के साथ सबसे ज्यादा है— बांग्लादेश के साथ
● भारत का कौनसा भू-आकृतिक भाग प्राचीन है— प्रायद्वीपीय पठार
● भारत के पूर्वी समुद्र तट को किस नाम से जाना जाता है— कोरोमंडल तट
● कोंकण तट कहाँ से यहाँ तक स्थित है— गोवा से दमन तक
● लक्षद्वीप समूह के द्वीपों की उत्पत्ति किसके द्वारा हुई— प्रवाल द्वारा
 न्यू मूर द्वीप कहाँ स्थित है— अंडमान सागर में
● कौन-सा द्वीप भारत और श्रीलंका के बीच में स्थित है— रामेश्वरम्
● लक्षद्वीप समूह के कुल द्वीपों की संख्या कितनी है— 36

●भारत का कौनसा राज्य चीन, नेपाल और भूटान की सीमा को स्पर्ष करता है— सिक्किम
● सियाचिन ग्लेशियर भारत के किस राज्य में है— जम्मू-कश्मीर
● डंकन पास किसके मध्य स्थित है— दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान
● भारत की भूमि का सबसे उत्तरी भाग क्या कहलाता है— इंदिरा कॉल
● भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से कौन-अलग करता है— आदम का पुल
● दक्षिण गंगोत्री क्या है— अटांर्कटिका स्थित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र
 क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के तीन बड़े राज्यों का क्रम क्या है— राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र
● आंध्र प्रदेश की पुरानी राजधानी कौन-सी थी— कुर्नुल
● सतपुड़ा की पहाड़ियाँ किस राज्य में हैं— मध्य प्रदेश

●अंडमाननिकोबार द्वीप समूह की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है— सैडल पीक
● मंगलोर से कन्याकुमारी तक का तटीय क्षेत्र क्या कहलाता है— मालाबार तट
● दक्कन का पठार किन राज्या में स्थित है— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में
● धारवाड़ का पठार किस राज्य में स्थित है— कर्नाटक में
● नीलगिरि की पहाड़ियाँ किस राज्य में स्थित है— तमिलनाडु में
● अन्नाईमुडी नामक चोटी की ऊँचाई कितनी है— 2695 मीटर
● अरावली की पहाड़ियाँ किस राज्य में स्थित हैं— राजस्थान में
 अरावली के पूर्व की ओर से कौन-सी नदी निकलती है— बनास नदी
 कौनसी नदी असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा बनाती है— संकोशी नदी

●भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय पर्वतपहले क्या था— टिथिस नामक समुद्रा
● भारत और पाकिस्तान के बीच रेडक्लिफ रेखा कब निर्धारित की गई— 15 अगस्त, 1947 को
 महेन्द्रगिरी की पहाड़ियाँ किन दो राज्यों के तट पर है।— ओड़िशा एवं आंध्र प्रदेश
● पम्बन द्वीप कहाँ स्थित है— मन्नार की खाड़ी में
 केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे बड़ा पत्तन कौन-सा है— पोर्ट ब्लेयर
● कोलाबा प्वांइट कहाँ है— मुंबई में
 डूरंगड रेखा जो भारत और अफगानिस्तान के मध्य है, कब निर्धारित की गई थी— 1896 में

●लक्षद्वीप समूह में कुल कितने द्वीपों पर मानव का वास है— 10
● भारत केकिस स्थान को ‘सफेद पानी’ के नाम से जाना जाता है— सियाचिन
● जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा जो चीन के अधिकार में है, क्या कहलाता है— ऑक्साई चीन
● भारत में शीत मरूस्थल कौन-सा है— लद्दाख
● भारत की देशांतर स्थिति क्या है— 68°7’ से 97°25’ तक
● भारत में कितने केंद्रशासित प्रदेश हैं— 7
● किस देश के साथ न्यू मूर द्वीप के कारण भारत का विवाद है— बांग्लादेश के साथ
● भारत किस गोर्ला में स्थित है— उत्तरी
● केंद्रशासित प्रदेश दादर नगर हवेली भारत के किन राज्यों के बीच में स्थित है— गुजरात व महाराष्ट्र
● किस राज्य को पहले NEFA के नाम से जाना जाता था— अरुणाचल प्रदेश
● केंद्रशासित प्रदेश अंडमाननिकोबार द्वीपसमूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर किस द्वीप पर स्थित है— दक्षिण अंडमान
● कौन-सा राज्य उत्तरी पूर्वी राज्य की सात बहनों’ का भाग नहीं है— सिक्किम व पश्चिमी बंगाल
● कौन-सा महत्वपूर्ण अक्षांश भारत को दो भागों में बांटता है— 23°3’ उत्तर
● उत्तर भारत में उपहिमालय क्षेत्र के सहारे फैले समतल मैदान क्या कहलाते हैं— भावर
● कोरी निवेशिका कहाँ स्थित है— कच्छ का रन
● भारत का कौनसा राज्य तीन ओर बांग्लादेश से घिरा है— त्रिपुरा
● भारत के किस स्थान को ‘मरूस्थल की राजधानी’ कहा जाता है— जैसलमेर
● अरावली और विंध्य श्रृंखलओं के बीच कौन-सा पठार है— मालवा का पठार
● अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीपों की मुख्य विशिष्टता क्या है— सभी द्वीप प्रवाल उद्गम के है
● ‘मैकान का पठार’ भारत के किस राज्य में है— छत्तीसगढ़ में
● छोटा नागपुर किसका नाम है— राँची का पठार
 इंदिरा प्वाइंट भूमध्य रेखा से कितनी दूर है— 876 किमी

●भारत और चीन की सीमा रेखाको स्पर्श करने वाले भारतीय राज्य कौन-से हैं— अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर एवं मिजोरम
● दक्षिणी भारत की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है— अन्नाईमुडी
 सर्वप्रथमइंडियाशब्द का प्रयोग भारत के लिए किस भाषा में किया गया— ग्रीक
● प्राचीन भारतीय भौगोलिक मान्यता के अनुसार भारत किस द्वीप का अंग था— जम्बू द्वीप का
● भारतीय मानक समय कितने डिग्री देशांतर पर आधारित है— 82°36’ पूर्व देशांतर पर
● आदम का पुल किन दो देशों के मध्य स्थित है?— बैरन एवं नारकोण्डम
● हैदराबाद का जुड़वां नगर कौन-सा है— सिकंद्राबाद
● थार भूमि कहाँ स्थित है— राजस्थान
● भारत का कौनसा राज्य सबसे अधिक राज्य की सीमाओं को स्पर्श करता है— उत्तर प्रदेश
● स्वतंत्रता से पहले कौन-सा भारतीय क्षेत्र ‘काला पानी’ के नाम से जाना जाता था— अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
● झांसी नगर भारत के किस राज्य में स्थित है— उत्तर प्रदेश
● भारत की सबसे लंबी सुरंग ‘पीर पंजाल सुरंग’ किस राज्य में है— जम्मू-कश्मीर में
 भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण किसने किया— सर सिरिल जॉन रेडक्लिफ ने

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